बिना पूरी पढ़ाई के कैसे लिखेंगे परीक्षा?
ट्रैक सीजी, सुकमा:
जिला मुख्यालय से दूर स्थित ग्राम पंचायत सिंगाराम अब भी नक्सल प्रभाव से जूझ रहा है। यहां के प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। शिक्षकों की लापरवाही के कारण सिंगाराम के बच्चों का भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है।
गांव की कुल जनसंख्या 130 है और इसमें 32 घर हैं। स्कूल में तीन नियमित शिक्षक और एक शिक्षादूत पदस्थ हैं, लेकिन बच्चों की पढ़ाई अधूरी है। पांचवीं कक्षा की परीक्षा 17 से 27 मार्च और आठवीं कक्षा की परीक्षा 18 मार्च से 3 अप्रैल के बीच आयोजित होगी, लेकिन अब तक किसी भी विषय के 10 से अधिक अध्याय पूरे नहीं हुए हैं।
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बच्चों की पढ़ाई अधूरी, बोर्ड परीक्षा की चिंता
पत्रकारों की टीम जब स्कूल पहुंची तो बच्चों से उनकी पढ़ाई को लेकर बातचीत की गई। छात्रों ने बताया कि अंग्रेज़ी – सिर्फ 2 पाठ, हिंदी – 6 पाठ, पर्यावरण – 7 पाठ, गणित – 7 पाठ जबकि बोर्ड परीक्षाओं में पूरा पाठ्यक्रम शामिल होता है। अब सवाल यह उठता है कि 7-10 पाठ्यक्रम के आधार पर बच्चे परीक्षा में कैसे सफल होंगे?
शिक्षकों की लापरवाही पर ग्रामीणों का आक्रोश
ग्रामीणों को जब यह जानकारी दी गई तो उन्होंने नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने बताया कि मिडिल स्कूल के शिक्षक कभी-कभार ही पढ़ाने आते हैं। नियमित रूप से पढ़ाई नहीं होने के कारण बच्चे अधूरे ज्ञान के साथ परीक्षा देने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने शिक्षकों की अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है और प्रशासन से उचित कदम उठाने की अपील की है ताकि सिंगाराम के बच्चों का भविष्य अंधकार में न डूबे।